# शिवनामावल्यष्टकम्

> ।।श्रीः।। शिवनामावल्यष्टकम् हे चन्द्रचूड मदनान्तक शूलपाणे स्थाणो गिरीश गिरिजेश महेश शंभो। भूतेश भीतभयसूदन मामनाथं संसारदुःखगहनाज्जगदीश रक्ष।।1।। हे पार्वतीहृदयवल्लभ चन्द्रमौले भूताधिप प्रमथनाथ गिरीशचा…

- **Canonical URL:** https://batukuvacha.com/posts/shivnaamaavlyssttkm/
- **Published:** 2021-12-23
- **Publisher:** बटुक उवाच (Batuk Uvacha) — https://batukuvacha.com
- **Language:** Hindi (hi), with Sanskrit passages
- **Categories:** स्तोत्र
- **Tags:** आदिशङ्कराचार्यः, शिव

_Cite as: बटुक उवाच, “शिवनामावल्यष्टकम्”, https://batukuvacha.com/posts/shivnaamaavlyssttkm/_

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> ।।श्रीः।।

[शिव](/posts/shivbhujngm/)नामावल्यष्टकम्
हे चन्द्रचूड मदनान्तक शूलपाणे

> स्थाणो गिरीश गिरिजेश महेश शंभो।

भूतेश भीतभयसूदन मामनाथं
> संसारदुःखगहनाज्जगदीश रक्ष।।1।।

हे पार्वतीहृदयवल्लभ चन्द्रमौले

> भूताधिप प्रमथनाथ गिरीशचाप।

हे वामदेव भव रुद्र पिनाकपाणे
> संसारदुःखगहनाज्जगदीश रक्ष।।2।।

हे नीलकण्ठ वृषभध्वज पञ्चवक्त्र

> लोकेश शेषवलय प्रमथेश शर्व।

हे धूर्जटे पशुपते गिरिजापते मां
> संसारदुःखगहनाज्जगदीश रक्ष।।3।।

हे विश्वनाथ शिव शंकर देवदेव

> गङ्गाधर प्रमथनायक नन्दिकेश।

बाणेश्वरान्धकरिपो हर लोकनाथ
> संसारदुःखगहनाज्जगदीश रक्ष।।4।।

वाराणसीपुरपते मणिकर्णिकेश

> वीरेश दक्षमखकाल विभो गणेश।

सर्वज्ञ सर्वहृदयैकनिवास नाथ
> संसारदुःखगहनाज्जगदीश रक्ष।।5।।

श्रीमन्महेश्वर कृपामय हे दयालो

> हे व्योमकेश शितिकण्ठ गणाधिनाथ।

भस्माङ्गराग नृकपालकलापमाल
> संसारदुःखगहनाज्जगदीश रक्ष।।6।।

कैलासशैलविनिवास वृषाकपे हे

> मृत्युंजय त्रिनयन त्रिजगन्निवास।

नारायणप्रिय मदापह शक््तिनाथ
> संसारदुःखगहनाज्जगदीश रक्ष।।7।।

विश्वेश विश्वभवनाशक विश्वरूप

> विश्वात्मक त्रिभुवनैकगुणाधिकेश।

हे विश्वनाथ करुणामय दीनबन्धो
> संसारदुःखगहनाज्जगदीश रक्ष।।8।।

गौरीविलासभवनाय महेश्वराय

> पञ्चाननाय शरणागतकल्पकाय।

शर्वाय सर्वजगतामधिपाय तस्मै
> दारिद्र्यदुःखदहनाय नमः शिवाय।।9।।

इति श्रीमत्परमहंसपरिव्राजकाचार्यस्य

श्रीगोविन्दभगवत्पूज्यपादशिष्यस्य

श्रीमच्छंकरभगवतः कृतौ

> शिवनामावल्यष्टकं संपूर्णम्।।
