14.4 सत्पुरुषोंसे एक निवेदन ~ मार्क्सवाद और रामराज्य ~ श्रीस्वामी करपात्रीजी महाराज

14.4 सत्पुरुषोंसे एक निवेदन कुछ लोग कहते हैं कि उपासना या ज्ञान तो मनकी चीज है। सब कुछ गड़बड़ होनेपर भी महात्मा या विद्वान‍्को इन टंटोंसे दूर रहकर भजन ही करना चाहिये। ठीक है, परंतु शास्त्र एवं धर्म-स्थान नष्ट हो जानेपर विद्वानों या महात्माओंका शण्डामर्कके तुल्य सरकारीकरण हो जानेपर भजन करनेका, धार्मिक होनेका मन भी… Continue reading 14.4 सत्पुरुषोंसे एक निवेदन ~ मार्क्सवाद और रामराज्य ~ श्रीस्वामी करपात्रीजी महाराज

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