परिचय
बटुक उवाच क्या है?
बटुक उवाच विविध विषयों पर विचार, शोध और रचनाओं का एक सुव्यवस्थित डिजिटल संकलन है। यहाँ आपको दर्शन (मार्क्सवाद, वेदान्त, न्याय), वेद (ऋग्वेद, यजुर्वेद, सामवेद, अथर्ववेद, उपनिषद्),स्तोत्र (शिव, भैरव, दक्षिणामूर्ति, देवी), साहित्य (संस्कृत, हिन्दी),इतिहास, विमर्श, और वंशावली (सरयूपारीण ब्राह्मण गोत्रावली एवं आस्पद नामावली) — इन सब विषयों पर लेख मिलेंगे।
उद्देश्य
इस वेबसाइट का मुख्य उद्देश्य विभिन्न विषयों पर गुणवत्तापूर्ण सामग्री को एक स्थान पर संकलित कर संरक्षित करना और आने वाली पीढ़ियों तक पहुँचाना है। यहाँ आपको मिलेंगे:
- दर्शन — मार्क्सवाद, वेदान्त, न्याय, भौतिकवाद आदि दार्शनिक विमर्श
- वेद एवं उपनिषद् — चारों वेदों, उपनिषदों और वैदिक साहित्य पर लेख
- स्तोत्र एवं उपासना — शिव, भैरव, देवी आदि के स्तोत्र और उपासना पद्धतियाँ
- साहित्य एवं शास्त्र — संस्कृत-हिन्दी साहित्य, धर्मशास्त्र, सूत्र ग्रन्थ
- इतिहास एवं विमर्श — ऐतिहासिक विश्लेषण और सामाजिक-राजनीतिक विमर्श
- वंशावली — सरयूपारीण ब्राह्मणों की गोत्रावली और आस्पद नामावली
सरयूपारीण ब्राह्मण
सरयूपारीण ब्राह्मण वे ब्राह्मण हैं जो सरयू नदी के पार (उत्तर-पूर्वी भाग) में निवास करते हैं। यह क्षेत्र मुख्यतः उत्तर प्रदेश के पूर्वी भाग में आता है। इनका ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व अत्यंत गहरा है।
गर्गादि, वत्स, गौतम, शाण्डिल्य, भारद्वाज गोत्रों और उनके सम्बंधित आस्पद (उपाधियों) का प्रामाणिक विवरण
॥ शुभमस्तु ॥
यह वेबसाइट एक सतत परियोजना है। हम लगातार नए लेख और जानकारी जोड़ते रहते हैं। यदि आपके पास कोई जानकारी, सुझाव या संशोधन है, तो कृपया हमसेसम्पर्क करें।
सामान्य प्रश्न
बटुक उवाच क्या है?
बटुक उवाच भारतीय ज्ञान परम्पराका एक निःशुल्क डिजिटल संग्रह है, जिसमें दर्शन, वेद, उपनिषद्, स्तोत्र, धर्मशास्त्र, इतिहास एवं सरयूपारीण ब्राह्मण वंशावली विषयक 207 शोधपरक लेख देवनागरी लिपिमें संकलित हैं। सम्पूर्ण सामग्री बिना शुल्क तथा बिना पंजीकरणके पढ़ी जा सकती है।
सरयूपारीण ब्राह्मण कौन हैं?
सरयूपारीण ब्राह्मण वे ब्राह्मण हैं जो सरयू नदीके पार, अर्थात् उत्तर प्रदेशके पूर्वी भागमें, निवास करते हैं। इनकी गोत्रावली, आस्पद नामावली एवं ऐतिहासिक पृष्ठभूमिका विस्तृत विवेचन इस संग्रहकी क्रमबद्ध शोधमालामें उपलब्ध है।
मार्क्सवाद और रामराज्य किसकी रचना है?
‘मार्क्सवाद और रामराज्य’ धर्मसम्राट् श्रीस्वामी करपात्रीजी महाराज (हरिहरानन्द सरस्वती, १९०७–१९८२) की रचना है। इसमें मार्क्सवादी दर्शन, अर्थशास्त्र एवं वर्गसिद्धान्तकी शास्त्रीय समीक्षा करते हुए रामराज्यका प्रतिपादन किया गया है। यह शृंखला यहाँ अध्यायशः क्रमबद्ध रूपमें 153 भागोंमें प्रकाशित है।
क्या यहाँकी सामग्री निःशुल्क है?
हाँ। सम्पूर्ण सामग्री पूर्णतः निःशुल्क है — न कोई शुल्क, न पंजीकरण, न विज्ञापन। प्रत्येक लेख स्थिर HTML पृष्ठके रूपमें सीधे उपलब्ध है।
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क्या इस सामग्रीका पुनःप्रकाशन किया जा सकता है?
सर्वाधिकार सुरक्षित हैं। उद्धरण, सन्दर्भ एवं शैक्षिक उपयोग सादर आमन्त्रित हैं, बशर्ते ‘बटुक उवाच’ (batukuvacha.com) को श्रेय दिया जाय तथा मूल लेखका लिंक दिया जाय। पूर्ण लेखोंके पुनःप्रकाशनहेतु कृपया सम्पर्क करें।
इस संग्रहमें कौन-कौनसे विषय सम्मिलित हैं?
प्रमुख विषय हैं — दर्शन (153 लेख), स्तोत्र (21 लेख), सरयूपारीण वंशावली (14 लेख), तथा ऋग्वेद, यजुर्वेद, सामवेद, अथर्ववेद, उपनिषद्, महाभारत, धर्मशास्त्र, साहित्य एवं विमर्श।